Fake Call Centre : Instagram पर नकली दवा बेचकर ठगी करने वाला कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 11 गिरफ्तार

पुलिस पूछताछ में मालिक पीयूष कुमार ने खुलासा किया कि वह ख़ुद ही इंस्टाग्राम और फेसबुक पर इन नकली दवाओं के विज्ञापन चलवाता था। जब भी कोई व्यक्ति इन विज्ञापनों को देखकर अपना फ़ॉर्म भरता था, तो कॉल सेंटर में बैठी टीम उनसे संपर्क करती थी।

Fake Call Centre :  साइबर क्राइम के ख़िलाफ़ अपनी कार्रवाई तेज़ करते हुए गुरुग्राम पुलिस ने एक ऐसे फ़र्ज़ी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करके लोगों को नकली ‘सेक्सवर्धक’ दवाएं बेचकर ठगी कर रहा था। पुलिस ने इस रैकेट के मालिक सहित चार महिला कर्मचारियों समेत कुल 11 आरोपियों को गिरफ़्तार किया है, जो 50 की मामूली दवा को  2000 से अधिक कीमत पर बेचकर ग्राहकों को चूना लगा रहे थे।

साइबर अपराध थाना दक्षिण के प्रबंधक निरीक्षक नवीन कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी विश्लेषण के आधार पर कार्रवाई की। टीम को पता चला था कि एक गिरोह इंस्टाग्राम और फेसबुक पर आकर्षक विज्ञापन देकर लोगों को झांसे में ले रहा है और उनसे ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करवाकर धोखाधड़ी कर रहा है।

इसी सूचना पर, पुलिस टीम ने 26 सितंबर 2025 को उद्योग विहार फेज-5 में एक बिल्डिंग के बेसमेंट में चल रहे इस अवैध कॉल सेंटर पर छापा मारा और मौक़े से 07 लड़कों और 04 लड़कियों को काबू किया।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान कॉल सेंटर के मालिक पीयूष कुमार (न्यू कॉलोनी, गुरुग्राम) के साथ ही अभिषेक शर्मा, चेतन सैनी, देव सिंह, अल्ताफ अंसारी, नीरज कुमार, अरुण भारद्वाज, किरण, जूही, मोनी और सिमरन के रूप में हुई है। इन सभी पर साइबर अपराध थाना दक्षिण में संबंधित धाराओं के तहत मुक़दमा दर्ज किया गया है।

पुलिस पूछताछ में मालिक पीयूष कुमार ने खुलासा किया कि वह ख़ुद ही इंस्टाग्राम और फेसबुक पर इन नकली दवाओं के विज्ञापन चलवाता था। जब भी कोई व्यक्ति इन विज्ञापनों को देखकर अपना फ़ॉर्म भरता था, तो कॉल सेंटर में बैठी टीम उनसे संपर्क करती थी। ये कर्मचारी ग्राहकों से बात करते समय ख़ुद को फ़र्ज़ी डॉक्टर बताकर उन्हें विश्वास में लेते थे और नकली दवाएं बेचने का झांसा देकर उनसे ऑनलाइन पेमेंट ले लेते थे।

खुलासा हुआ है कि ये दवाएं दिल्ली से मात्र  50 या  100 में खरीदी जाती थीं, जबकि ग्राहकों को  2000 या उससे भी अधिक कीमत पर बेची जाती थीं। विज्ञापन का काम शिव कुमार नामक एक अन्य व्यक्ति करता था। इस काम के लिए लड़कों और लड़कियों को 15,000 से  20,000 मासिक वेतन के अलावा ठगी की गई राशि पर 3% कमीशन भी दिया जाता था।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी में इस्तेमाल किए गए 13 मोबाइल फ़ोन और बड़ी मात्रा में नकली दवाएं बरामद की हैं, जिनमें 54 कैप्सूल बॉक्स और 35 ऑयल स्प्रे शामिल हैं। पुलिस टीम ने 07 पुरुष आरोपियों को 27 सितंबर 2025 को माननीय अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि 04 महिला आरोपियों को नियमानुसार जांच में शामिल किया गया है। गुरुग्राम पुलिस ने साइबर अपराधियों पर त्वरित कार्रवाई करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

Manu Mehta

मनु मेहता पिछले लगभग 18 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों (ANI News, News Express, TV 9,… More »
Back to top button

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker!